जय माताजी દેવીયાણ - ભક્ત કવિ ઇસરદાસજી . . . देवियांण – भक्त कवि ईसरदासजी छन्द- अडल करता हरता श्रीं ह्नोंकारी काली कालरयण कौमारी ससिसेखरा सिथेसर नारी जग नीमवण जयो जडधारी।1। धवा धवळगर धव धू धवळा क्रसना कुबजा कचत्री कमळा चलाचला चामुंडा चपला विकटाविकट भू बाला विमला ।2। 90 सुभगा सिवा जया श्री अंबा परिया परंमार पालंबा पिसाचणि साकणि प्रतिबंबा अथ आराधिजे अवलंबा।3। सं कालिका सारदा समया त्रिपुरा तारणि तारा त्रनया ओहं सोहं अखया अभया आई अजया विजया उमया ।4। छंद भुजंगी देवी उम्मया खम्मया ईसनारी देवी धारणी मुंड त्रिभुवन्नधारी देवी सब्बदां रूप ओम रूप सीमा देवी वेद पारक्ख धरणी ब्रहम्मा । 1। देवी कालिका मां नमो भद्रकाली देवी दूरगा लाघवं चारिताली देवी दानवा काल सुरपाल देवी देवी साधकं चारणं सिद्ध सेवी ।2। देवी जख्खणी भख्खणी देव जोगी देवी निर्मला भोज भोगी निरोगी देवी मात जानेसुरी व्रन्न मेहा देवी देव चामुंड संख्याति देहा ।3। देवी भंजणी दैत सेना समेता देवी नेतना तप्पना जय नेता देवी कालिका कूबजा कामकामा देवी रेणुका सम्मला रामरामा ।4। देव मालळी जोगणी मत्त मेघा द...