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नागणेच्यां माता का इतिहास

              जय श्री नागणेची माताजी नमः राठौड़ राजवंश और बारहठ - रोहडीया चारण कि कुलदेवी नागणेची माता का इतिहास ✍लिखने वाला जोगाराम डांगी किलवा साँचौर जालोर  राजस्थान के राठौड़ राजवंश की कुलदेवी चक्रेश्वरी राठेश्वरी नागणेची या नागणेचिया के नाम से प्रसिद्ध है नागणेचिया माता का मंदिर राजस्थान में जोधपुर जिले के नागाणा गांव में स्थित है यह मन्दिर जोधपुर से 96 किमी.की दूरी पर है प्राचीन ख्यातों और इतिहास ग्रंथों के अनुसार मारवाड़ के राठौड़ राज्य के संस्थापक राव सिन्हा के पौत्र राव धूहड़ (विक्रम संवत 1349-1366) ने सर्वप्रथम इस देवी की मूर्ति स्थापित कर मंदिर बनवाया। कर्नाटक से लाई गई थी नागणेची माता की प्रतिमा राजा राव धूहड़ दक्षिण के कोंकण (कर्नाटक) में जाकर अपनी कुलदेवी चक्रेश्वरी की मूर्ति लाये और उसे पचपदरा से करीब 7 मील पर नागाणा गाँव में स्थापित की जिससे वह देवी नागणेची नाम से प्रसिद्ध हुई नमक के लिए विख्यात पचपदरा बाड़मेर जोधपुर सड़क का मध्यवर्ती स्थान है जिसके पास (7 कि.मी.) नागाणा में देवी मंदिर स्थित है। जोधपुर में न...