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Vikat Rup Narshingh Bane

         श्री नरसिँह अवतार की स्तूति*         ■◆■ ••• *बिकट रूप नरसिंघ बणे* •••■◆■                    *।। दोहा ।।* *समय एक प्रहलाद सूँ,कीन असुर अति क्रौध,*  *कोट बिकट चहुँ दिश करी,जबर घेरी बङ जोध.* *पिता दैत निज पुत्र से,बौलत है तिही बैर,*  *कहै राम तव नाथ कित,तुरंत लैहूँ अब टैर.*  *कठीन थँभ धखी लाल करी,बाहु खड्ग बिकराल*,  *हरि बतावहूँ हाल मोही,करौँ पुत्र तब काल.*                           *।। छंद: रेणकी ।।* *सुनियत अत भ्रमत नमत मन हरिसन,भगत मुगत भगवत भजनं ,* *सुरपत पत महत रहत रत समरत,सत द्रढ व्रत गत मत सजनं ,* *धत लखत रखत जगपत उर धारण ,सुरत पुकारण श्रवण सुणै*, *भट थट असुरांण प्रगट घट भंजण,बिकट रुप नरसिँघ बणै ,*                                      *जिय बिकट रूप नरसिंघ बणै {1}* *कडडडड ब्रह...