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Visri Mataji

💐 *धर्मना भाइ माटे बलिदान आपनार "आइ श्री विसरी माताजी"* 💐



कच्छनी केशरी भुमी माटे कविने लखवुं पडे छे...
पथराळ,खळकाळ,विकराळ छतांय स्नेहनी सरिता वहावती
बावळ तणी शुरो महीं पण प्रेम पुष्पो प्रगटावती
कोरी भले कच्छ धरा पण रसाळ छे सदभावमां
हम कच्छ धरानी विरवातो अमर छे इतिहासमां


कच्छधरानी अनेक विर वातो,विर कथाओ,विरगाथाओ पाळीये पाळीये धरबायेली पडी छे. अनेक अपुज खांभीओ हजारो वर्षोथी इतिहासकथाओ साचवीने बेठी छे. कच्छना खंडेरो,मस्जीदो,मंदीरो,महेलो,समाधीओ,पथ्थरो,डुंगरो,वृक्षो,जंगलो,भेखडो अने वेरान रण पण विरगाथाओ इतिहास कथाओ साचवी बेठा छे. त्याग बलीदान विरता नेक टेक साहस खमीर अने समर्पणनी अनेक वातो कच्छना वृद्ध वडीलो साचवी बेठा छे श. एमनीपासे इतिहासनो गुप्त खजानो छे..


तो आवि ज एक सचववा जेवी भाई-बहेनना स्नेहनी अमरगाथा,धर्मना भाइ माटे बलिदान आपनार चारण माताजी आइ श्री विसरी माताजीनी इतिहास कथा पर द्रष्टिपात करीए...

कच्छना कंठी विस्तारमां तुंणाथी सिंधोडी सुधी गढवीओना गाम एमां ववार,रागा,शेखडीया,मुंदरा(डुमरा),बुचडा,कपाया,बोराणा,ध्रब, झरपरा,शिराचा,नानी भुजपुर, अने भाडीया बधा नजीकना चारण गामो आ गामोमां मुंदरा शहेरनी दुर नाना कपाया गाम छे. कूकडसरथी आवी बुचड शाखाना गढवीओए गामनी स्थापना करी हती. आ गाममां चारण जोगमायाओ रहे, तेमनुं नाम हतु विसरी माताजी एमना माता-पिता अने गोत्र अने समय वगेरेनी वातो विसराइ ग‌इ छे. परंतु तेमनी अमरगाथा अनेक लोकोना ह्रदयपर बिराजमान छे..

विसरी माताजी पासे पोतानो बहोळो पशुधन हतो. माताजी तेमनी गायो-भेंसोनुं ध्यान राखता,चारवानी व्यवस्था करता. अने बाकीनो समय जगदंबानी उपासना मां वितावता. आ समये चारण माताजीओ संसारमां रहेवा छतांय संसारथी अलिप्त जीवन जीवता. आइ नागबाइ, आइ कामेय, आइ जानबाइना द्रष्टांतो इतिहासना पाने मोजुद छे..

आवा जोगमाया समा चारण माताजी आइ विसल (विसरी माताजी) माताजीए भुजपुर गामना जेसर जाडेजा वंशना राजपूत वीर साहेबजीने पोतानो धर्मनो भाइ मान्यो हतो. साहेबजीने माताजी पर अपार श्रद्धा हती. तेओ माताजीनो पड्यो बोल जीलता माताजी पण साहेबजी थोडा दिवस कपाया न आवे तो तेओ तेमने मळवा भुजपुर जता.बन्ने भाइ-बहेननो अतूट नातो हतो..

एक वखत साहबजीने ताव आवे छे एवा समाचार माताजी ने मळ्या. वळी थोडा दिवस साहेबजी कपाया नहोता आव्या अने साहेबजीनो आग्रह हतो के माताजी भुजपुर पधारे. तेथी माताजीए आजे नक्की कर्युं के साहेबजीने मळवा भुजपुर आंटो द‌इ आवुं..

सवारना पहोरमां पोतानी गायो-भेंसोनुं काम पतावी,भेरीयो धारण करी मताजी भुजपुरना पंथे रवाना थया. वच्चे आवता बोराणा गाम पासेथी पसार थ‌इ हालना प्रतापुर गामनी उगमणी सीममां पहोच्यां त्यारे भुजपुरना जाडेजाओ तेमने सामे मळ्या..

आ जाडेजा भाइओने साहेबजी साथे वेर हतो. साहेबजी खुब सारा माणस हता तेमनी किर्ती चारेबाजु फेलायेली हती ते आ लोकोने खटकती हती. तेथी आ लोको माताजीने जोया ने जाणी लीधुं के माताजी तेमना धर्मना भाइ साहेबजीने मळवा जाय छे. माताजी ने आवता जोइ आ लोको सामे चालीने माताजी ने पगे लाग्या. माताजीने पूछ्युं के आइमां क्यां जाव छो? माताजीए जवाब आप्यो के हुं मारा भाइ साहेबजीने मळवा जाउं छुं. तेमने ताव आवतो हतो हवे केम छे ?..

आ लोकोनुं पहेलेथी नक्की कर्या मुजब माताजी आगळ खोटुं बोलता कह्युं माताजी खुब खोटुं थयुं छे. आपना भाइ आजे ज देव थया छे. साहेबजी देव थया एवुं आघातजनक समाचार सांभळी माताजी ने खुब दुख लाग्युं. पोताना वहाला भाइने मळवा जता हतां अने तेमना मृत्यु ना समाचारथी विसल‌ माताजी हैयाफाट रुदन करवा लाग्या. चारण आइना मरसिया पछी पुछवुं ज सुं? पथ्थरने पण पिगळावी दे,ह्रदयने पण थंभावी दे, मनने मुंजावी दे एवा रुदन, खोटुं बोलनाराओ माताजी नुं रुदन सांभळी पस्तावा लाग्या. परंतु हवे माताजी पासे जवा तेमनी हिंमत न हती तेथी बधा भागी गया..

माताजी नुं हैयुं साख पूरतुं हतुं के, साहेबजी हजु हयात छे अने माताजी ने साहेबजीना मृत्युना समाचार आपनार भागी गया तेथी माताजीने शंका पडी छतां तेओ रडतां रडतां त्यां ज बेसी गया. आ वातनी तात्कालिक साहेबजीने खबर पडी तेथी साहेबजी घोडापर चडी तरत ज माताजी पासे आव्यां. पगे लागी अने मश्करी करी खोटुं बोलनारने क्षमां आपवा विनंती करवा लाग्या. आइमां पोताना धर्मना भाइने जीवतो जोइ हर्षित थया अने आशिर्वाद आपवा लाग्या. परंतु साहेबजीने कह्युं के हवे आपणो भाइ-बहेननो संबंध पूरो थ‌इ गयो. हवे माराथी आ जगतमां रहेवाय नहिं. चारण माताजी आगळ खोटुं बोलनारा तमारा विरोधीओने हुं काइ पण शाप आपती नथी परंतु कुदरत एमने एमनो फळ जरुर आपसे ज. आपने अंत:करणथी आशिर्वाद आपुं छुं आप जाव..

एम कहेवाय छे के पछी माताजीए धरती माताने विनंती करी अने तेओ धरतीमां समाइ गया सती थया. आजे पण प्रतापपुर गामनी उगमणी सीममां आइ श्री विसरी माताजीनी खांभी उभी छे. त्यां एक मोटो तळाव बनाववामां आव्यो छे. ते विसरीवाळा तरीके ओळखाय छे. झरपराना चारणोए हमणा त्यां एक नानकडुं मंदीर बनाव्युं छे. भुजपुरना साहेबजीना वंशजो नवावर्षना (पडवाना) दिवसे आ खांभीने जुवारवा आवे छे. माताजी प्रत्ये एमने अपार श्रद्धा धरावे छे. गायो-भेंसोने चारनार तथा गोवाळ लोको माताजीने त्यां नाळियेर वधेरे छे अने विसरी माताजी ने पूर्ण श्रद्धा थी याद करे छे..

आइ श्री विसरी माताजी मंदीरनो हाले विकास थयो छे. त्यां आश्रम अने माध्यमिक शाळा चाले छे. आइ श्री विसरी माताजीना मंदीरमां एक शीलालेख छे...

*एक मान्यता अनुसार आइ श्री विसरी माताजी नाना कपायाना व्रमल शाखानां पुत्री हता अने बोराणा गाममां बारोट शाखामां परण्या हता.*


👏 *वंदन हजो भाइना स्नेह माटे बलिदान आपनार आइ श्री विसरी माताजीने* 👏


🙏🏻 *खास नोंध आ पोस्टमा टाइपिंग भुल जणाय तो नीचे आपेला फोननंबर पर जाण कर्या सिवाय पोस्टमां छेडछाड करवी नहीं शेर करजो पण वातनी जाणकारी न होय के अधुरी जाणकारी होय नंबर पर संपर्क करवो*  🙏🏻



💐 *चारण शक्ति आइ श्री विसरी माताजी ना जीवन वीसेनी कथा कच्छ झरपराना वतनी श्री आशानंदभाइ नी "चारण आइ परंपरा" नामनी बुकमांथी टाइप करेल छे भुलचुक सुधारीने वांचवी* 💐


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💐 *वंदे सोनल मातरमं* 💐

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