*थोड़ा समय निकाल कर जरूर पढ़ें* प्रश्न - मंदिर में दर्शन के बाद बाहर सीढ़ी पर थोड़ी देर क्यों बैठा जाता है? उत्तर - परम्परा हैं कि किसी भी मंदिर में दर्शन के बाद बाहर आकर मंदिर की पैड़ी या ऑटले पर थोड़ी देर बैठना। क्या आप जानते हैं इस परंपरा का क्या कारण है? आजकल तो लोग मंदिर की पैड़ी पर बैठकर अपने घर/व्यापार/राजनीति इत्यादि की चर्चा करते हैं, परंतु यह प्राचीन परंपरा एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई है। वास्तव में मंदिर की पैड़ी पर बैठ कर एक श्लोक बोलना चाहिए। यह श्लोक आजकल के लोग भूल गए हैं। इस लोक को मनन करें और आने वाली पीढ़ी को भी बताएं। श्लोक इस प्रकार है - *अनायासेन मरणम् ,* *बिना देन्येन जीवनम्।* *देहान्त तव सानिध्यम् ,* *देहि मे परमेश्वरम्॥* इस श्लोक का अर्थ है - *अनायासेन मरणम्* अर्थात् बिना तकलीफ के हमारी मृत्यु हो और कभी भी बीमार होकर बिस्तर पर न पड़ें। कष्ट उठाकर...
Gujrati Sahitya | Apna Purvajo Na Jivan Charitra | ane Satya Ghatna O par aa Blogge che To Pliase Follow karjo Thanks